Kushinagar Flood CM Yogi: मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के साथ बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ राहत और बचाव अभियान को तेज रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
मुख्यमंत्री के मुताबिक, आम तौर पर नारायणी नदी में करीब 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी रहता है, लेकिन अचानक पानी की मात्रा बढ़कर करीब साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंच गई। इसके दबाव के बीच तटबंध टूट गया और आसपास के इलाकों में पानी फैल गया।
मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक, कुशीनगर के ततवा टोला के पास एपी तटबंध टूटने के बाद कई गांवों में पानी पहुंचा है और प्रशासन राहत-बचाव अभियान में जुटा है।
राहत सामग्री और आर्थिक सहायता का ऐलान
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री और सूखे राशन के पैकेट बांटे गए हैं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही है। साथ ही प्रभावित लोगों तक जरूरी खाद्य सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए NDRF और SDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं। प्रशासन और पुलिस की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। अधिकारियों को प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पानी उतरने के बाद सफाई और सैनिटाइजेशन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित गांवों में तत्काल साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ के बाद संक्रमण और बीमारियों के फैलाव को रोकना है।
लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हालात प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राहत एवं बचाव कार्य के साथ सार्वजनिक सुविधाओं को जल्द बहाल करने और प्रभावित इलाकों में निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
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