Thursday, Sep 24

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शिमला-मनाली नहीं, इस मानसून जाएं महाराष्ट्र की ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’, जानें 6 जरूरी बातें

Maharashtra Valley of Flowers: अगर आप मानसून में किसी शांत और खूबसूरत जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो महाराष्ट्र का कास पठार आपके लिए खास जगह हो सकता है। सतारा जिले में स्थित यह पठार बारिश के मौसम में रंग-बिरंगे जंगली फूलों से ढक जाता है। इसी वजह से इसे महाराष्ट्र की ‘वैली ऑफ फ्लावर्स’ भी कहा जाता है। सह्याद्रि की पहाड़ियों के बीच मौजूद कास पठार अपनी जैव विविधता और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां कई स्थानीय और दुर्लभ फूल-पौधों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं।

कहां है कास पठार

कास पठार महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित है। यह पुणे से करीब 140 किलोमीटर और मुंबई से लगभग 270 किलोमीटर दूर है। सड़क मार्ग से यहां पहुंचा जा सकता है और रास्ते में सह्याद्रि की पहाड़ियों के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं।

क्यों खास है यह जगह

मानसून के दौरान यहां अलग-अलग रंगों के जंगली फूल खिलते हैं। गुलाबी, पीले, सफेद और बैंगनी फूलों से पूरा इलाका बेहद खूबसूरत नजर आता है। कास पठार अपनी वनस्पति विविधता के लिए भी जाना जाता है।

कब जाना बेहतर है

फूलों को देखने के लिए आमतौर पर अगस्त के अंत से अक्टूबर की शुरुआत तक का समय बेहतर माना जाता है। बारिश के बाद हरियाली, बादल और फूल मिलकर यहां का नजारा और आकर्षक बना देते हैं। भीड़ से बचने के लिए वीकडे पर जाना बेहतर हो सकता है।

सिर्फ फूल ही नहीं हैं खास

कास पठार पर फूलों के अलावा हरी पहाड़ियां, बादलों से घिरा आसमान और शांत वातावरण भी आकर्षित करता है। नेचर और फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए यह जगह खास हो सकती है।

एंट्री के नियम जरूर देखें

कास पठार का प्राकृतिक इकोसिस्टम संवेदनशील है। पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित करने और पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए यहां कुछ नियम लागू किए जाते हैं। इसलिए यात्रा से पहले एंट्री और बुकिंग से जुड़े मौजूदा नियम जरूर जांच लें।

आसपास की जगहें भी देखें

कास पठार की यात्रा के दौरान कास झील और ठोसेघर वॉटरफॉल जैसे आसपास के स्थानों को भी ट्रिप में शामिल किया जा सकता है। हालांकि मानसून में यात्रा करते समय मौसम और स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान रखना जरूरी है। कास पठार की खूबसूरती का आनंद लेते समय फूलों और पौधों को नुकसान न पहुंचाएं और स्थानीय प्रशासन के नियमों का पालन करें।

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