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Middle-East तनाव के बीच सऊदी अरब का बड़ा दावा, मदीना में मिला 11 करोड़ टन यूरेनियम अयस्क

Saudi Arabia Uranium Discovery: सऊदी अरब ने मदीना में करीब 110 मिलियन टन अयस्क वाले खनिज संसाधनों की खोज की है, जिसमें यूरेनियम और कई रेयर अर्थ मिनरल्स की मौजूदगी बताई गई है। सोमवार को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान ने यह जानकारी दी।

जाबल सयिद प्रोजेक्ट में हुई खोज

अरब न्यूज के अनुसार, मंत्री ने बताया कि मदीना के जाबल सयिद प्रोजेक्ट में किए गए भूवैज्ञानिक अध्ययन और खोज से करीब 110 मिलियन टन अयस्क का अनुमान सामने आया है। इसमें खास तौर पर भारी तत्वों वाले रेयर अर्थ मिनरल्स की मात्रा अधिक है, जबकि यूरेनियम की भी उत्साहजनक सांद्रता पाई गई है।

यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब सऊदी अरब मध्य-पूर्व के तनावपूर्ण हालात के बीच अपनी ऊर्जा और खनिज क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। मदीना और मक्का इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहर हैं। इस्लामी इतिहास में 622 ईस्वी में पैगंबर मोहम्मद के मक्का से मदीना हिजरत करने के बाद यह शहर इस्लाम के शुरुआती केंद्र के रूप में स्थापित हुआ।

ईरान से तनाव के बीच अहम खोज

सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य ठिकाने होने के कारण ईरान उसे निशाना बनाता रहा है। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर तक सऊदी अरब की समुद्री पहुंच को प्रभावित किया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की कोशिशों के बीच क्षेत्रीय युद्ध शुरू हुआ। दोनों का आरोप है कि कार्यक्रम का इस्तेमाल सामूहिक विनाश के हथियारों के लिए हो सकता है, जबकि तेहरान इसे शांतिपूर्ण नागरिक उपयोग के लिए बताता है। सऊदी अरब सुन्नी शक्ति केंद्र है और ईरान के साथ संतुलन बनाए रखने की कोशिश करता रहा है।

Vision 2030 से जुड़ा कदम

अरब जगत की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सऊदी अरब Vision 2030 के तहत ऊर्जा और खनिज संसाधनों में विविधता ला रहा है। इसमें घरेलू यूरेनियम उत्पादन और नागरिक परमाणु ऊर्जा भी शामिल है। मदीना में यूरेनियम की खोज जुलाई में हुए अमेरिका-सऊदी नागरिक परमाणु समझौते के बाद खास महत्व रखती है। इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियां सऊदी के सिविलियन न्यूक्लियर प्रोग्राम में मदद करेंगी। इसमें रियाद को अमेरिकी निगरानी के बिना अपने देश में यूरेनियम संवर्धन का विकल्प भी मिलता है। इसे दोनों देशों ने दशकों तक चलने वाली अरबों डॉलर की साझेदारी की नींव बताया था।

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